Archive for the 'आपबीती' Category
Tweet आज होली है, इंटरनेट और फ़ेसबूक पर सभी दोस्त यार एक दूसरे को होली की शुभकामनाएँ दे रहे है। लेकिन हमारी स्थिति अजीब है, हम ऑफिस में बैठे हुए अभी भी उन ऊलजुलूल सॉफ्टवेयर और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में व्यस्त है, हमारे यहाँ कुवैत में सारे त्योहार वीकेंड यानि शुक्रवार/शनिवार को शिफ्ट कर दिये जाते [...]
मार्च 26th, 2013 | Posted in आपबीती | 5 Comments
Tweet आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। आप सभी लोगों से बहुत दिनों बाद मुखातिब हुआ हूँ, क्या करूँ, रोजी रोटी से टाइम मिले तो ही कुछ लिखा जाए। खैर ये सब गिले शिकवे तो चलते ही रहेंगे। चलिये कुछ बात की जाए हमारे आपके बारे में। मै अक्सर दो अपने साथ रखता हूँ, [...]
मार्च 14th, 2013 | Posted in आपबीती | 9 Comments
Tweet आप सभी के पास स्मार्टफोन तो जरूर होगा. जिनके पास नहीं होगा तो वे अवश्य ही खरीदने की सोच रहे होंगे. अक्सर देखा जाता है कि हम लोग कोई बड़ी चीज़ खरीदने से पहले कोई विशेष रिसर्च नहीं करते, या तो हम किसी पडोसी की सलाह पर लेते है, या फिर अपने ऑफिस के [...]
दिसम्बर 29th, 2012 | Posted in आपबीती | 3 Comments
Tweet चलिये आज कुछ बात करते है, आपके अपने प्रॉफ़ेशन की। यदि आप अपने इस कैरियर में न होते तो क्या होते? वैसे तो मैंने पहले भी इस बारे में बात लिखी है, पिछली बाते ताज़ा करने के लिए ये वाला लेख देखिये। तो जनाब शुरू करते है। यदि मैं अपने इस कम्प्युटर सॉफ्टवेर वाले [...]
दिसम्बर 9th, 2012 | Posted in आपबीती | 3 Comments
Tweet आप हर दूसरे वाक्य में चू*या शब्द का प्रयोग करते हैं। आप शॉपिंग माल में चुपचाप पैसे देकर आ जाते हैं, लेकिन रिक्शे वाले से अठन्नी के लिए झगड़ा करते हैं। आप बिना मांगे और बेवजह अपनी राय देते हैं। खासकर, जब कभी आप ट्रेन में सफर कर रहे हों। आपके शब्दकोश में गालियों [...]
अप्रैल 18th, 2012 | Posted in आपबीती | 8 Comments
Tweet आज यानि 13 फरवरी 2012 को युनेस्को द्वारा पहली बार विश्व रेडियो दिवस मनाया जा रहा है। रेडियो से हमारी भी ढेर सारी पुरानी यादें जुड़ी है, लीजिये पेश है, मेरी कुछ पुरानी यादें, चलिये इसी बहाने हम रेडियो को याद कर लेते हैं। पुराने जमाने मे जिन लोगों के पास रेडियो हुआ करता [...]
फरवरी 13th, 2012 | Posted in आपबीती | 8 Comments
Tweet मुझे सूफी संगीत वैसे भी बहुत अच्छा लगता है। चाहे हो फिल्मों से हो या फिर गैर फिल्मी। आजकल एक गीत मेरे जहन में लगातार घूम रहा है, इसके बिना दिन अधूरा अधूरा सा लगता है। गीत है, कुन फाया कुन, फिल्म रॉक-स्टार से। इस गीत की खासियत ये है कि इसको सुनते ही [...]
दिसम्बर 8th, 2011 | Posted in आपबीती | 3 Comments
Tweet अभी पिछले दिनो मैंने अपना फोन बदला था, सैमसंग गलक्सी एस से सैमसंग गलक्सी एस2, हिन्दी का सपोर्ट न पिछले एण्ड्रोइड फोन मे था न इसमे। बहुत सारे जतन करके देखे, लेकिन कोई तरीका काम नहीं आया। सारे तरीको में आपको अपने फोन को रूट करना होता था, जिसके कारण आपकी वारंटी खतम होने [...]
अक्तुबर 30th, 2011 | Posted in आपबीती | 14 Comments
Tweet आज शुकुल गूगल चैट पर प्रकट हुए और आदेश किया की भई कल दशहरा है, तुमने कुछ लिखा भी है कि नहीं, हम बोले यार नून तेल लकड़ी से फुर्सत मिले तब तो दशहरे का सोचें, फिर विदेश मे ईद दशहरा दिवाली सब एक दिन जैसे ही दिखते हैं। कम से कम कुवैत मे [...]
अक्तुबर 5th, 2011 | Posted in आपबीती | 4 Comments
अक्सर हम अपने बच्चों को शिक्षा देते है की वो अपना कैरियर अपनी पसंद से चुने। पता है क्यों? क्योंकि हम नहीं चाहते की जो परेशानी हमे झेलनी पड़ी, वो उनको भी झेलनी पड़े। क्या कभी आपने सोचा है, कि यदि आप, वो ना होते जो आप अभी है, तो क्या होते? चलिए सोचते है इसी बारे में, तो इंतज़ार मत करिए, लिख मारिए अपनी आप बीती।
अक्तुबर 2nd, 2011 | Posted in आपबीती | 8 Comments