मेरा भारत महान : सचमुच एक महान उपलब्धि

आज मुझे यह समाचार पढकर बहुत अच्छा लगा। भारत दुनिया मे पहला ऐसा देश है जिसने अपने सारे रासायनिक और जैविक हथियार पूरी तरह से नष्ट कर दिए है। दुनिया के बाकी देशों को भी भारत से सबक लेते हुए, दुनिया को जैविक और रासायनिक हथियारों से मुक्त करने के लिए कदम बढाना चाहिए।

आज फिर भारत ने दुनिया को शांति का नया पाठ पढाया है। क्यों हुआ ना मेरा भारत महान?
आपका क्या कहना है इस बारे में?

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9 Responses to “मेरा भारत महान : सचमुच एक महान उपलब्धि”

  1. बहुत अच्छा कदम है…

    रंजन’s last blog post..मिलिये प्यारी आदिती से..

  2. कह सकते है, किसी को तो यह कदम उठाना ही था. क्या अब दुनिया में भारत की देखा देखी होगी? कतई नहीं. तो ऐसे हथियार खत्म करने की प्रक्रिया एक साथ क्रमबद्ध चलनी चाहिए, अन्यथा मूर्खता ही कहलाएगी. शांति का पाठ पढ़ाते पढ़ाते अपनी जमीन और चैन ही खोया है. अब थोड़ा व्यवहारिक हो जाएं?!

    ओम शांति शांति शांति….

    अब रूटिन टिप्पणी

    सचमुच भारत का यह कदम दुनिया के लिए अनुकरणिय है. आपने अच्छे समाचार की ओर ध्यान दिलाया है. साधूवाद. बूद्ध, महावीर व गाँधी का भारत ही शांति का संदेश दे सकता है. एक भारतीय होने का गर्व अनुभव कर रहा हूँ.

    संजय बेंगाणी’s last blog post..नायक भी किसी की नकल कर सकते है

  3. इस तरह के हथियार नष्ट करने के लिये पहले बनाये भी होंगे। भारत ने ऐसे हथियार बनाये, यह ही बात नई पता चली है। बनाकर नष्ट कर दिया तो और भी बड़ी बात है।

    मनीषा

    Manisha’s last blog post..चुनाव आयोग ने पप्पू बनाया

  4. क्या संदेश जायेगा इस गांधीगिरी से, ये तो भविष्य ही बतायेगा।

  5. यह अच्छा तो है पर जहाँ तक सभी देश इसी प्रक्रिया का इमानदारी से पालन करें तभी!!!

    प्रवीण त्रिवेदी…प्राइमरी का मास्टर’s last blog post..कहीं राष्ट्रीय चुनाव को मुनिसिपलिटी का चुनाव तो नहीं बना दिया?

  6. शांति शांति !!

    और तो कुछ भी कहना जरा जल्दी सा लग रहा है.

    समीर लाल’s last blog post..विल्स कार्ड पर उतरी बातें

  7. आपके द्वारा किया जा रहा कम निश्चित रूप से सराहनीय है. लोगों को जोड़ने का प्रयास. बधाई. मेरे web पेज पर आपका स्वागत है. मेरा वेब पेज – http://www.drishtipat.com/ http://www.drishtipatmagazine.blogspot.com/ http://www.ranchihalchal.blogspot.com
    शेष शुभ
    अरुण कुमार झा

  8. जीतू सर , सबसे पहले तो आपको बहुत -बहुत साधुवाद , हिंदी के लिए इतना सोचने और करने के लिए , दूसरा आपके लिखने की शैली भी बड़ी अच्छी लगी एक बार फिर से साधुवाद

  9. अच्छा है। पर आम जीवन में हिंसा बढ़ती जा रही है। उस तरफ भी कुछ होना चाहिये। आतंक का मुकाबला कैसे हो – इस पर भी कुछ सार्थक होना चाहिये। इन पर भारत के रिस्पॉन्स बहुत सार्थक नहीं रहे हैं।

    Gyan Dutt Pandey’s last blog post..चुनाव यात्रा और नत्तू पांड़े