कुन फाया, कुन : एक रूहानी अहसास

मुझे सूफी संगीत वैसे भी बहुत अच्छा लगता है। चाहे हो फिल्मों से हो या फिर गैर फिल्मी। आजकल एक गीत मेरे जहन में लगातार घूम रहा है, इसके बिना दिन अधूरा अधूरा सा लगता है। गीत है, कुन फाया कुन, फिल्म रॉक-स्टार से। इस गीत की खासियत ये है कि इसको सुनते ही आपको एक रूहानी अहसास होता है। आप सुनते सुनते इस गीत में डूब जाते हो और एक दूसरी रूहानी दुनिया में पहुँच जाते हो। मेरे साथ तो ये अक्सर होता है, आप भी कोशिश करिए, हो सकता है आप पर भी ये गीत वैसे ही असर करे। लीजिये पेश है इस गीत के बोल…

या निजाममुद्दीन औलिया, या निजाममुद्दीन सलका
कदम बढ़ा ले, हदों को मिटा ले
आजा खालीपन में पी का घर तेरा,
तेरे बिन खाली आजा, खालीपन में
तेरे बिन खाली आजा, खालीपन में

(आलाप…. ) Oooooo….Oooooo…..

रंगरेजा
रंगरेजा
रंगरेजा
हो रंगरेजा….

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन
फाया कुन,
फाया कुन, फाया कुन, ,फाया कुन,

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन
फाया कुन,
फाया कुन, फाया कुन, ,फाया कुन,

जब कंही पे कुछ नहीं
भी नहीं था,
वही था, वही था
वही था, वही था

जब कंही पे कुछ नहीं
भी नहीं था,
वही था, वही था
वही था, वही था

वोह जो मुझ में समाया
वोह जो तुझ में समाया
मौला वही वही माया

वोह जो मुझ में समाया
वोह जो तुझ में समाया
मौला वही वही माया

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन

सदकउल्लाह अल्लीउम अज़ीम

रंगरेजा रंग मेरा तन मेरा मन,
ले ले रंगाई चाहे तन चाहे मन,
रंगरेजा रंग मेरा तन मेरा मन
ले ले रंगाई चाहे तन चाहे मन,

सजरा सवेरा मेरा तन बरसे
कजरा अंधेरा तेरी जलती लौ

सजरा सवेरा मेरा तन बरसे
कजरा अंधेरा तेरी जलती लौ
कटरा मिले तो तेरे दर पर से।
ओ मौला….
मौला…मौला….

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन
फाया कुन,
फाया कुन, फाया कुन, ,फाया कुन,

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन
फाया कुन,
फाया कुन, फाया कुन, ,फाया कुन,

जब कंही पे कुछ नहीं
भी नहीं था,
वही था, वही था
वही था, वही था

जब कंही पे कुछ नहीं
भी नहीं था,
वही था, वही था
वही था, वही था

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन

सदकउल्लाह अल्लीउम अज़ीम
सदक रसुलहम नबी यूनकरीम

सलल्लाहु अलाही वसललम, सलल्लाहु अलाही वसललम,

ओ मुझपे करम सरकार तेरा,
अरज तुझे, करदे मुझे, मुझसे ही रिहा,
अब मुझको भी हो, दीदार मेरा
करदे मुझे, मुझसे ही रिहा
मुझसे ही रिहा……….

मन के मेरे ये भरम,
कुछ मेरे ये करम,
लेके चला है कहाँ,
मैं तो जानू ही ना,

तू ही मुझ में समाया,
कहाँ लेके मुझे आया,
मैं हूँ तुझ में समाया
तेरे पीछे चला आया,
तेरे ही मैं एक साया
तूने मुझको बनाया
मैं तो जग को ना भाया
तूने गले से लगाया
अब तू ही है खुदाया
सच तू ही है, खुदाया

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन
फाया कुन,
फाया कुन, फाया कुन, ,फाया कुन,

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन
फाया कुन,
फाया कुन, फाया कुन, ,फाया कुन,

जब कंही पे कुछ नहीं
भी नहीं था,
वही था, वही था
वही था, वही था

जब कंही पे कुछ नहीं
भी नहीं था,
वही था, वही था
वही था, वही था

कुन फाया, कुन
कुन फाया, कुन

सदकउल्लाह अल्लीउम अज़ीम
सदक रसुलहम नबी यूनकरीम
सलल्लाहु अलाही वसललम, सलल्लाहु अलाही वसललम,

Movie :Rockstar
Music Director :A. R. Rahman
Singer(s) :A. R. Rahman, Javed Ali, Mohit Chauhan
Lyricists :Irshad Kamil

इस गीत को आप यहाँ पर सुन सकते है, और यूट्यूब पर इसका वीडियो भी उपलब्ध है।


3 Responses to “कुन फाया, कुन : एक रूहानी अहसास”

  1. एक अजब सा अहसास दे जाता है यह गीत।
    प्रवीण पाण्डेय´s last blog post ..ब्लॉग लेखन की बाध्यतायें

  2. What does “KUN FAYA, KUN” mean?

  3. अच्छा गीत है!
    अंतर्मन´s last blog post ..कुछ शेर

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