बुरे फंसे……

मामला कहाँ से शुरू हुआ था, और कहाँ जाकर पहुँचा है…..

कहते है ‘होनहार बिरवान के होत चिकने पात!’ …. यानि कि होनहार बच्चे का पता पालने मे ही चल जाता है….. आज दिल्ली के एक होनहार बच्चे का नाम अमरीका वाले भी ले रहे है…..क्यो?

मामला शुरू हुआ था दिल्ली के एक पब्लिक स्कूल के एक छात्र ने अपनी दूसरी सहपाठिनी के साथ कुछ यौन क्रिया करते हुए…अपने मोबाइल फोन से उसकी वीडियो बनायी और मस्ती मस्ती मे अपने कुछ दोस्तो को भेज दी……..दोस्तो ने दूसरे दोस्तो को…और दूसरो ने तीसरे को…कुछ ने इन्टरनेट पर डाल दी और तो कुछ ने सीडी बनाकर बेच दी…. ज्यादा महत्वाकांक्षी लोगो ने फास्ट मनी बनाना चाहा….और बाजी डाट काम पर इसको बेचने के लिये भी डाल दिया….इस तरह बच्चो के क्रियाकलापों की सीडी पूरी दुनिया ने चटखारे ले लेकर देखी…………..एक सच्चाई कि सिर्फ हमी चूक गये ….हमने अभी तक नही देखी…… इधर पुलिस पर दबाव पड़ा तो पहले तो पुलिस ने सबसे पहले तो आइआइटी खड़कपुर के एक छात्र को गिरफ्तार कर लिया जिसने बाजी डाट काम पर यह वीडियो क्लिप बेचने के लिये डाली थी…उसको गिरफ्तार करने के बाद, इस पूरे प्रकरण मे पुलिस को कंही भी कुछ कमाई नही दिख रही थी..सो उन्होने बाजी डाट काम के सीईओ अवनीश बजाज को भी गिरफ्तार कर लिया….. जो बेचारा विशेष तौर से अमरीका से दौड़ता आया था इस केस मे मदद करने के लिये……इसे बोलते है सांप तो निकल गया और अब पुलिस लाठिया पटक रही है…इन जनाब पर इल्जाम है कि इन्होने अपनी साइट पर बिकने वाली चीजों की वैधता को चैक नही किया….अब जनाब बाजी डाट काम तो B2B यानि कि बेचने वाले और खरीदने वाले को मिलाने वालों की साइट है…अब कम्पनी के लिये यह बहुत ही मुश्किल है कि वह बिकने वाली हर चीज के बारे मे जाँच पड़ताल करे…..रोजाना लगभग 48000 चीजों का लेनदेन होता है, इसमे किताबे, वीडियो,डीवीडी,साफ्टवेयर और ना जाने क्या क्या होता है. लेकिन नही…पुलिस वालो का कहना है कि गलती बाजी डाट काम वालों की है…. क्या इसका ये अन्दाजा लगाया जाये कि अखबार मे कुछ विज्ञापन देखकर लोग अगर कुछ गलत खरीद ले तो अखबार वालों को जेल मे डाल दिया जाय….या फिर किसी शादी के मैरिज हाल वाले यहाँ अगर कोई शादी हुई है और बाद मे कोई प्रोबलम आये तो मैरिज हाल वाले को जेल मे डाल दिया जाये… या फिर हम लोग जो ब्लागर पर आकर ऊँटपटांग लिखते है उसके लिये गूगल भइया को जेल के अन्दर डाल दिया जाय…

किसी सन्ता सिंह ने कहा कि बाजी डाट काम को अपने सामानो की लिस्ट को फिल्टर करना चाहिये जिसमे सेक्स वगैरहा जैसे आइटम लिस्ट से बाहर निकल जाये….तो उन्ही जानकार महोदय के पड़ोसी बन्ता सिंह ने बोला तब सो इस तरह से साइट के सत्तर प्रतिशत आइटम बाहर निकल जायेंगे….फिर बिकगा क्या…….तबसे सन्तासिंह का मुंह बन्द है.

यह पहला मौका नही है जब इस तरह की वैबसाइट्स किसी मामले मे घसीटी गयी है…..पहले कुछ समय पहले फ्रांस मे भी याहू बाबा का बायकाट हुआ था…इन पर इल्जाम था कि इनकी साइट पर नाजी हुकूमत को दर्शाने वाली चीजों की नीलामी हो रही थी………इसी तरह से बाजी डाट काम की पितृ साइट इबे भी इस तरह के पचड़े मे फंस चुकी है. इसकी साइट पर किसी बाला ने अपनी कौमार्य(Virginity) की नीलामी का विज्ञापन दिया था,जिससे काफी बवाल मचा था………..बाद मे न्यायालय ने एक फैसला दिया कि साइटवाला किसी विज्ञापन के लिये दोषी नही ठहराया जा सकता……….अब बाजी वाले दोषी है या नही इन सब बातों पर बहुत गरमागरम बहस हो सकती है……इन सब मे इस साइट्स की कितनी गलती है…….लेकिन मसला ये नही है…मसला ये है कि अब अमरीका भी इस मामले मे कूद पड़ा है, क्यों? क्योंकि बाजी डाट काम के सीईओ साहब अमरीकी नागरिक है, और अमरीका ये बर्दाश्त नही कर सकता कि उसके नागरिकों के साथ दुनिया मे कंही भी किसी भी तरह की दुर्वव्यवहार हो….मामला अब काफी तूल पकड़ता दिखायी देता है….कुछ भी हो दिल्ली पब्लिक स्कूल और उसके छात्रो को तो काफी पब्लिसिटी मिल गयी. पढाई हो ना हो… बच्चो को प्रेक्टिकलस की जानकारी अच्छी है.

वैसे दूसरी तरफ से देखा जाये तो हमारा देश अब अवैध तरीके से ब्लू फिल्म के मामले मे काफी आगे है..या कहो कि स्माल स्केल इन्डस्ट्रीज की तरह से है…….. कुछ समय पहले मिस जम्मू वाला कान्ड हुआ…फिर स्टार न्यूज ने भी कुछ दिखाया..कुछ छिपाया और अब दिल्ली पब्लिक स्कूल वाला कान्ड….

कुछ भी हो……. मेरे को ब्रिटेनिया का एक विज्ञापन याद आ रहा है…….ब्रिटेनिया खाओ……. उसको यहाँ इस्तेमाल किया जा सकता है………वीडियो बनाओ और शोहरत पाओ

अपडेटः उस लड़के को भी गिरफ्तार कर लिया गया है जिसने यह वीडियो बनाया था….बजाज साहब को जमानत मिल गयी है.. और उस लड़के को भी जमानत मिल गयी है.

आपका क्या कहना है इस बारे मे?

4 Responses to “बुरे फंसे……”

  1. जीतू जी,

    ये कुछ भी था पर बच्चों का खेल तो नही था। नहीं तो इतना बवाल न मचता। पर लगता है देश में कुछ ज्यादा ही ड्रामा हो रहा है। अभी अनारा गुप्ता वाली बात भी ठंडी नहीं हुई थी और अब यह

    पंकड

  2. पंकज भाई,
    खेल तो बड़ो वाला था… लेकिन खेल बच्चे रहे थे..
    दरअसल सैटेलाइट टीवी,फिल्मो और नयी टैक्नोलोजी ने बच्चो को समय से पहले ही बड़ा बना दिया है.

  3. ortho evra

    ortho evra

  4. zithromax agitation

    zithromax agitation