कटिंग चाय

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मै वैसे तो इन्टरनेट पर गाने कम ही सुनता हूँ, लेकिन हमारे यहाँ कुवैत मे नये एलबम, रिलीज होने मे काफी वक्त लगता है, तो कभी कभी नये म्यूजिक एलबम के लिये इन्टरनेट खंगालना पड़ता ही है. इसी खंगालने के चक्कर मे मैने एक अच्छा इन्डीपाप एलबम देखा…”कटिंग चाय” जी हाँ, इसमे गाने नये तो नही है लेकिन सारे अच्छे गाने एक ही एलबम मे समेटे गये है. इसमे फ्यूजन,शान,स्ट्रिंग,केके,अली हैदर, यूफोरिया और जुनून के गाने प्रमुख है. फ्यूजन तो अपने पहले एलबम मे ही छा गये है, और शान,केक,यूफोरिया और जुनून तो मेरे पसंदीदा पहले से ही है.बहुत दिनो बाद ऐसा एलबम देखा है जिसमे सारे गाने सुनने लायक है.

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Author: Jitendra Chaudhary (511 Articles)

जन्म से कानपुरी, लेकिन रोटी के लिये मिट्टी से दूर, साफ़्टवेयर बनाते बनाते कब ब्लॉग लिखने लगे, पता ही नही चला। फिर कुछ शरारती तत्वों ने लेखन की तारीफ़ दी, अब झेलो, कानपुरी हूँ, इत्ती जल्दी तो नही रुकने वाला। इंटरनैट के लती। लेखन शैली में श्री के पी सक्सेना जी से प्रेरित। भारतीय राजनेताओ से खासी चिढ,वैसे भी तारीफ़ के लायक तो कोई काम किए नही ये लोग। भारत की सामाजिक एवम राजनैतिक दुर्दशा से व्यथित। इसी व्यथा का ही नतीजा है कि हम ब्लॉगिंग मे कूदे। आजकल कुवैत मे डेरा है, यही पर बसेरा है। अब देखते है कब तक हम इस खूंटे डेरे से बंधे रहते है। सपनाः हिन्दी इन्टरनेट की आधिकारिक भाषा बने। पसन्दः राजनीतिक चर्चा, बचपन की यादें। नापसन्दःनहाने के बाद,पत्नी द्वारा,बाथरूम मे वाइपर लगाने को बाध्य किया जाना मेरे बारे मे बाकी जानकारी इधर है:

2 Responses to “कटिंग चाय”

  1. जीतु साहब, मजा आ गय. आपकी आवाज भी सुनने को मिल गयी|

  2. जय हो महाराज। धन्य हो। यूरोप ट्रिप कैसा रहा।

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