लोगों को ब्लाग तक कैसे खीच कर लायें
आपने ब्लाग तो लिख लिया, उसे कोई पढ नही रहा…इसी चिन्ता मे आपका लिखने का मूड नही बन रहा। तो जनाब हैरान परेशान ना होइये, कुछ ये वाली युक्तियाँ अपनाइये, फ़िर देखिये आपके ब्लाग द्वारे….भीड़ ही भीड़.
युक्तियाँ यहाँ पढिये।
आपने ब्लाग तो लिख लिया, उसे कोई पढ नही रहा…इसी चिन्ता मे आपका लिखने का मूड नही बन रहा। तो जनाब हैरान परेशान ना होइये, कुछ ये वाली युक्तियाँ अपनाइये, फ़िर देखिये आपके ब्लाग द्वारे….भीड़ ही भीड़.
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Author: Jitendra Chaudhary (507 Articles)
जन्म से कानपुरी, लेकिन रोटी के लिये मिट्टी से दूर, साफ़्टवेयर बनाते बनाते कब ब्लॉग लिखने लगे, पता ही नही चला। फिर कुछ शरारती तत्वों ने लेखन की तारीफ़ दी, अब झेलो, कानपुरी हूँ, इत्ती जल्दी तो नही रुकने वाला। इंटरनैट के लती। लेखन शैली में श्री के पी सक्सेना जी से प्रेरित। भारतीय राजनेताओ से खासी चिढ,वैसे भी तारीफ़ के लायक तो कोई काम किए नही ये लोग। भारत की सामाजिक एवम राजनैतिक दुर्दशा से व्यथित। इसी व्यथा का ही नतीजा है कि हम ब्लॉगिंग मे कूदे। आजकल कुवैत मे डेरा है, यही पर बसेरा है। अब देखते है कब तक हम इस खूंटे डेरे से बंधे रहते है। सपनाः हिन्दी इन्टरनेट की आधिकारिक भाषा बने। पसन्दः राजनीतिक चर्चा, बचपन की यादें। नापसन्दःनहाने के बाद,पत्नी द्वारा,बाथरूम मे वाइपर लगाने को बाध्य किया जाना मेरे बारे मे बाकी जानकारी इधर है:
Kya tukbandi sujhi hai:
Yeh Jugat lagaon ya woh jugat lagon
soch raha likhne waala
kalam ghis tu likhe chala chal
paa jayega padhne waala.
sir ji , muje yeh bataiye ki ‘लोगों को ब्लाग तक कैसे खीच कर लायें’ ?
Regards : Captain