वन्दे मातरम:माँ तुझे सलाम

वन्दे मातरम
हर सच्चे हिन्दुस्तानी का फ़र्ज। यदि हम भारतवर्ष को प्यार करते है, अपना देश मानते है तो कल यानि कि सात सितम्बर के दिन वन्दे मातरम जरुर गाएं। सभी साथी चिट्ठाकारों से भी अपील है कि कल अपने अपने ब्लॉग पर वन्दे मातरम के बारे में लिखे।

सात सितम्बर को हमारे राष्टीय गीत वन्देमातरम के सौ साल पूरे हो रहे है। सौ साल पहले इसी दिन श्री बंकिम चन्द्र चटर्जी ने इस गीत की रचना की थी। स्वतन्त्रता संग्राम के समय यह गीत क्रान्तिकारियों और देशवासियों मे जोश भरने का जरिया था। आज फिर देशवासियों मे जोश भरने का समय आ गया है। सभी देशभक्त मुसलमानों भाइयों से भी अपील है फर्जी इमामों के ऊल जुलूल फतवों को दर किनार कर वन्दे मातरम गाएं, आखिर वतन हम सभी का है। मादरे वतन से प्यार के इज़हार के लिए किसी फतवे की क्या जरुरत?

जय हिन्द।

तकनीकी जानकारी: वन्दे मातरम के वीडियो को अपने ब्लॉग पर कैसे लगाएं

  1. यूट्यूब पर वन्दे मातरम के वीडियो को ढूंढे ( http://youtube.com/results?search_query=vande+mataram&search=Search )
  2. अपनी पसन्द के वीडियो पर जाएं । (उदाहरण के लिए : http://youtube.com/watch?v=4Wuf-15o2OY )
  3. वीडियो की दाँयी तरफ़ देखें Embed वाले बक्से मे एक कोड होगा, उसे कापी कर लें।
  4. अपने ब्लॉग पर अपनी पसन्द की जगह पर पोस्ट कर दें।

(वर्डप्रेस के प्रयोक्ता ध्यान दे, पेस्ट करने से पहले आप अपना Rich Text Editing को Disable कर दें।)

मास्साब भी आपको परिचर्चा पर विस्तार से इस तरीके को समझाएंगे। किसी भी प्रकार की परेशानी आने पर वहाँ सम्पर्क करिए।

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5 Responses to “वन्दे मातरम:माँ तुझे सलाम”

  1. सभी देशभक्त मुसलमानों भाइयों से भी अपील है फर्जी इमामों के ऊल जुलूल फतवों को दर किनार कर वन्दे मातरम गाएं, आखिर वतन हम सभी का है। मादरे वतन से प्यार के इज़हार के लिए किसी फतवे की क्या जरुरत?

    मै आपके इस बात का तहे दिल से सर्मथन करता हूं देश के प्रति मजहब नही आना चाहिये। जब अजमेर शरीफ मे हिन्‍दू-मुस्लिम साथ साथ पूजा कर सकते है तो बन्‍दे मातरम् क्‍यो नही गा सकते।

    तो सब लोग मिल कर गाये:-

    वन्दे मातरम्
    सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्
    शस्य श्यामलां मातरम् ।
    शुभ्र ज्योत्स्न पुलकित यामिनीम
    फुल्ल कुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
    सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम् ।
    सुखदां वरदां मातरम् ॥ वन्दे मातरम्…

    सप्त कोटि कन्ठ कलकल निनाद कराले
    निसप्त कोटि भुजैब्रुत खरकरवाले
    के बोले मा तुमी अबले
    बहुबल धारिणीं नमामि तारिणीम्
    रिपुदलवारिणीं मातरम् ॥ वन्दे मातरम्…

    तुमि विद्या तुमि धर्मं, तुमि ह्रदि तुमि मर्मं
    त्वं हि प्राणाः शरीरे
    बाहुते तुमि मा शक्ति,
    ह्रदये तुमि मा भक्ति,
    तोमारे प्रतिमा गडि मंदिरे मंदिरे ॥ वन्दे मातरम्…

    त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी
    कमला कमलदल विहारिणी
    वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्
    नमामि कमलां अमलां अतुलाम्
    सुजलां सुफलां मातरम् ॥ वन्दे मातरम्…

    श्यामलां सरलां सुस्मितां भुषिताम्
    धरणीं भरणीं मातरम् ॥ वन्दे मातरम्

    भारत माता की जय

  2. सीधी सी बात है और मेरा भी यही मानना है किः
    किसी को वनदे मातरम् गाने के लिए मजबूर नही करना चाहिए – और दूसरी बात जो सच्चा हिनदुस्तानी है वोह ज़बरदस्ती नही बलकि दिल से वनदे मातरम् गाता है।

  3. सही कहा शुएब

  4. सत्य है,
    आओ मिल करें
    मातृभूमि को नमन
    वंदे, वंदे, वंदे मातरम.
    -रेणु.

  5. jai ho ,vandemataram, bhart mata ki jai