लड़कियाँ क्या चाहे?

ये लेख मै विशेष तौर पर उन कुँवारे साथियों के लिए लिख रहा हूँ जिन्होने डन्डा और बांस कर कर के मुझे मेरे अनुभव शेयर करने को बोला। देखो भई, मै शादीशुदा शरीफ़ आदमी हूँ, इस पचड़े मे नही पड़ना चाहता था, लेकिन क्या करूं भाई लोगों से प्यार इस कदर है कि रिस्क लेने को तैयार हो गया। इस लेख को लिखने के पहले एक डिसक्लेमर और एक विशेष चेतावनी। डिसक्लेमर तो ये रहा:

मै अपनी मौजूदा जिन्दगी से खुश हूँ, और यह लेख मै अपने पुराने अनुभवों के आधार पर लिख रहा हूँ और ना कि मौजूदा अनुभवों के आधार पर। इसलिए कोई भी इस लेख को खफ़ा होने का लाइसेन्स ना माने और एक बात इस लेख को पढकर किसी को अगर जूते पड़े तो वो हमारे द्वारे ना आए। अपना वहीं पर सलट ले।

डिस्क्लेमर जरुरी है, ताकि सनद रहे और वक्त जरुरत काम आए।

और अब चेतावनी :ख़बरदार जो किसी ने यह लेख मेरी पत्नी को फारवर्ड किया। समझ लेना, जिसने फारवर्ड किया उसको इन्डीब्लॉगीज मे जितवा दूंगा, फिर आजीवन ब्लॉग ना लिख पाओगे।

datingतो भैया हम बात कर रहे थे, लड़कियों की चाहत की। वो लड़को को कैसे देखती है, कैसे अच्छे लड़के की पहचान करती है। वगैरहा वगैरहा। कहते है औरतों की नज़र बहुत कयामत की होती है, किसी को भी एक नज़र मे देखकर पहचान लेती है। बस एक नज़र ही काफी होती है, पास या फेल। लेकिन फिर भी , जब भी किसी डेट पर जाओ, या किसी लड़की से दोस्ती हो, तो निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना, जिन्दगी भर सुखी रहोगे, तो शुरु करें ना?

१. क्या आपने सही कपड़े पहने है?
welldressedबहुत ही जरुरी है भई, आपने मंहगे कपड़े पहने हो या ना पहने है, सलीके के कपड़े है कि नही। ऐसा तो नही बऊवा की तरह के गैट-अप मे हो आप। अगर आप डेट पर जा रहे है तो अपने परिधान का विशेष ध्यान रखें। आप नोट करे ना करें, कि आपने कैसे कपड़े पहन रखे है, लड़कियाँ एक एक चीज नोट करती है (अब टाइम ज्यादा होता है या शौंक कह नही सकते), एक और बात, मौसम के अनुसार और लेटेस्ट फैशन के अनुसार ही परिधानों का चयन करें। ऐसा ना हो, कि वो आप में शाहरुख खान को ढूंढे और आप देव आनन्द की तरह तैयार हों।

२. आत्मविश्वास का स्तर
आपका आत्मविश्वास का स्तर ऊँचा होना चाहिए, ऐसा ना हो कि आप लड़की से मिलने जा रहे है और शर्म से नीचे गड़ा जा रहा हो। और कान्फ़ीडेन्स लेवेल इतना भी ऊपर ना हो कि, आप उसके कन्धे और पेट के बीच मे ही देखते जा रहे हो। मतलब कान्फ़ीडेन्स लेवेल को कन्ट्रोल मे रखकर, सलीके से पेश आएं। डिप्प्रेशन का शिकार ना हो, और ना ही ओवर कान्फ़िडेन्स के पचड़े मे पड़ें। आखिर लड़की से मिलने जा रहे हो किसी इन्टरव्यू मे थोड़े ही जा रहे हो।

३. तुलनात्मक अध्ययन
लड़कियों की एक खराब आदत होती है, वो मौजूदा प्रेमी/दोस्त की तुलना पिछले वाले से जरुर करती है, बार बार, लगातार करती है। अब ये अनजाने मे होता है या जान बूझकर, या फिर आपको चिढाने के लिये, लेकिन होता जरुर है। उदाहरण के लिए ” ये वाला इस तरह से बोलता है, उस वाले की मुस्कराहट कितनी अच्छी थी! इस वाले का पहनावा अच्छा है, लेकिन मूंछे तो पिछले वाले की ज्यादा अच्छी थी।” अब पिछले वाले (प्रेमी/दोस्त) को पकड़कर कूटने से तो कुछ होने वाला है नही, इसलिए इसका मतलब ये हुआ कि आपको एक बार नही, बार बार लगातार इम्तिहान देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

४. आपकी पिछली गर्लफ्रेन्ड
अरे हाँ! ये टापिक उनके लिए बहुत मुफ़ीद रहता है। बहुत सही टाइमपास होता है उनका। साम, दाम दण्ड, भेद वो आपसे यह बात उगलवाने के लिए तैयार रहती है कि पिछली वाली गर्लफ़्रेन्ड मे क्या अच्छाई थी या क्या बुराई थी। खबरदार! आप किसी ट्रैप मे मत फंस जाना। दरअसल इनका मकसद तो आपके दिल मे छिपी मैल को बाहर निकालना होता है, ये देखना चाहती है कि आप अपनी पिछली रिश्ते/दोस्ती की बात सुनकर कैसा रिएक्ट करते है या कितनी कडुवाहट दिखाते है। जाहिर है, अक्सर लोग, पिछली गर्लफ्रेन्ड मे कमिया निकलने की कोशिश करते है। मेरी एडवाइस माने तो पिछली वाले के प्रति गुस्सा ना ही निकाले तो अच्छा है, क्योंकि पिछली वाली तो वैसे भी छोड़कर टहल गयी, अब ये वाली हाथ से क्यों जाने दें। समझ गए ना?

५. धैर्य की परीक्षा
लड़कियाँ यह चीज जरुर चैक करती है कि आपमे उनको सुनने की कितनी क्षमता है, मतलब कितना झेल सकते हो। दरअसल वो यह चैक कर रही होती है कि आगे अगर जिन्दगी भर साथ निभाना पड़े (वैसे इत्ता लम्बा वो सोचती कैसे होंगी?) तो बन्दा कितना सुन सकता है। और हाँ अक्सर वो कहेंगी, अपने बारे मे और बताओ, मतलब आपके बारे मे सब कुछ जानने की इच्छा रखेंगी। लेकिन एक लिमिट के बाद, उसके बाद वो खुद-ब-खुद शुरु हो जाती है। इसलिए ध्यान रखिए, जोश मे होश ना खो बैठना, आप शुरु तो एक्सप्रेस की तरह हो, लेकिन मुलाकात दर मुलाकात ही अपनी पर्ते खोलना। मूलमन्त्र: अच्छे श्रोता बनिए, प्रेमिका को विविध-भारती की तरह समझिए, (मतलब चुपचाप सुनते रहिए) तभी सुखी रहेंगे।

६. विनम्रता
आप दूसरों के साथ कैसे पेश आते है, छोटे, बड़े, बच्चे, बूढे के साथ सम्मानपूर्वक बात करते है कि नही। वो मुन्न्नाभाई मे आपने देखा ही होगा, कि लड़का अगर वेटर को सीटी मारकर बुलाए तो, कट लेना। बोले तो विनम्रता का साथ नही छोड़ने का भीड़ू! लेकिन विनम्रता का मतलब ऐसा नही कि कोई भी आने जाने वाला आपको टीप मारकर चलता बने और आप थैंक्यू करते रहे। मौके की नज़ाकत को समझते हुए विनम्रता या दूसरे तरीके से व्यवहार करें। समझ गए ना?

७. सिर्फ़ मेरी सुने
एक और अझेल चीज, लड़किया चाहती है कि आप सिर्फ़ उनकी सुनो। लड़कियाँ इसे आपसी समझदारी का नाम देती है। आपसी समझदारी बोले तो, लड़की लोग का एक प्रोबलम होता है, वो पूरा पूरा अटैन्शन मांगती है, वो कुछ भी बोले, आप पूरी तरह से कान लगाकर सुनो। जैसे आसाराम बापू का प्रवचन सुन रही हो। सुनो जरुर, भले ही कान मे रुई डालकर जाओ, लेकिन लड़की को लगना चाहिए कि आप उसको पूरी तरह से सुन रहे हो। वो भले टीवी सीरियल की बातें करे, या अपने आफिस के चपरासी जग्गू के घर का प्रोबलम। आपको कान लगाकर सुनना है, जहाँ जरुरत पड़े ह्म्म ह्म्म करते रहना है। एक और बात पर विशेष ध्यान देना, लड़किया अक्सर अपनी मन की बात, दूसरो के उदाहरण देकर समझाती है, जरा विशेष ध्यान रखना, कंही जग्गू की प्रोबलम मे आपके लिए कोई संदेश तो नही है?

८. कितनी तारीफ़ करता है
दुनिया मे कोई भी एक लड़की ढूंढ कर दिखा दो, जो अपनी तारीफ़ सुनकर खुश ना होती हो। आपकी रिलेशनशिप की मजबूती और जीवनकाल आपकी तारीफ़ करने की क्षमता पर भी बहुत कुछ निर्भर करती है। तारीफ़ भी अलग अलग तरीके के साथ। यहाँ पर कुछ बाते जरुर ध्यान रखना, भूले से भी उसकी सहेली की तारीफ़ मत कर देना, नही तो बेटा गए काम से। लवर्स स्पॉट की पिकनिक मे अगर वो बैगंन की जली हुई सब्जी बनाकर लायी, तो भी आपको खाते हुए, सब्जी की तारीफ़ करनी होगी, (ये शादी के पहले की बात कह रहा हूँ, शादी के बाद, तो आप मेरी नही मानोगे, अपनी मनमर्जी करोगे, मै जानता हूँ।)

९.गिड़गिड़ाइए नही!
आप अपनी गर्लफ्रेन्ड की कितनी कद्र करते है? कद्र करने मे आपके प्वाइन्ट बढते है, लेकिन ध्यान रखिए, आप अगर ज्यादा गर्जूपना दिखाएंगे तो माइनस मार्किंग होती है। लड़किया यह देखना चाहती है कि ये बन्दा कितना मोल्ड हो सकता है। इसलिए मोल्डिंग का पूरा पूरा एक्स्पेरीमेन्ट आपके ऊपर किया जाता है। लेकिन मेरी राय मानो तो चरणदास की कैटेगरी तक मत जाना। समझे ना।

१०. कितने वादे निभाता है
अव्वल तो आप वादे ही मत करो, कि ये ला दूंगा, वो ला दूंगा। लेकिन करो तो निभाओ भी। वादे निभाने मे ये चीज जरुर ध्यान रखना कि चाँद तारों की बात तो करो, लेकिन तोड़ने ताड़ने का काम सिर्फ़ फलों का ही करना। और कभी उसको यह मत दिखाना कि मेरी यहाँ, वहाँ, जहाँ, तहाँ पहुँच है, नही तो बेटा, फंस जाओगे। फिर भले ही उसके छोटे भाई के लिए ट्यूटर ढूंढना हो, या उसकी माता जी का हास्पिटल मे चैक-अप सारे काम तुम्हारे मत्थे ना पड़े तो कहना। इसलिए, हाँकने मे थोड़ी लगाम रखना। नही तो लोगो से पूछते फिरोगे, फलाना हास्पिटल मे पहचान है क्या?

११. केयरिंग।
ये एक और पंगे की चीज होती है, केयरिंग। यहाँ केयरिंग के मायने अलग अलग होते है। लड़का घुमाने-फिराने, महंगी गिफ़्ट देने, मौज-मस्ती कराने को केयरिंग मानता है, लड़की तारीखे याद रखने को। लड़कियाँ इतिहास मे बहुत तेज होती है, मतलब हर तारीख,महीना, दिन और समय तक याद रखती है, इसलिए उसका जन्मदिन, उसके कुत्ते का जन्मदिन, पहली मुलाकात की बरसी (दु:ख की बरसी ही तो होती है लल्लू), पहले फोन की एनीवर्सरी वगैरहा वगैरहा सब याद रखना। याद रखने के लिए भले गूगल कलैन्डर का सहारा लेना पड़े,लेना, लेकिन बबुआ, अगर तुम एक भी तारीख भूल गए, तो हजार बाते सुनने के लिए तैयार रहना, (यानि आइटम न:७)

तो भैया ये तो था हमारे जीवन का निचोड़, इसके अलावा भी बहुत कुछ होता है, सारी बाते ब्लॉग पर नही लिखी जा सकती, उसके लिए अलग से कन्सलेन्सी से सम्पर्क करिए। जाते जाते एक और बात बता देने, ये जो ब्लॉगर होते है ना वो टिप्पणियों के भूखे होते है, अगर आप लगातार टिप्पणियां करते रहो ना, तो लगातार सही सही लिखते रहते है, जहाँ टिप्पणियां कम हुई तो ब्लॉगर का भी इन्टरेस्ट कम होता जाता है, तो आपको अगले लेख पढने है ना? क्या कहा? हाँ, तो अब टिप्पणी करो ना।

इस लेख का टोपो आइडिया यहाँ से मारा था। बाद मे मत कहना कि बताया नही, मूल रुप से वहीं पर पढिए।


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47 Responses to “लड़कियाँ क्या चाहे?”

  1. हम्म !
    हमने सारी टीप नोट कर लिया हूं, अब इस्तेमाल कर देखता हूं।

  2. डिसक्लेमर बड़े हल्के रंग में लगाये हो!!
    वैसे है बड़ी रोचक जानकारी. लिखी तो आपने कुवांरे साथियों के लिये है, पर फिर भी पढ़ ही ली……:)

  3. मजा आ गया, पर अब किस काम का यह लेख :) काश पहले पता चला होता
    @आशीष भाई
    अब तो आपको सारे नुस्खे बता दिये जीतू भाई ने आशा है अब तो उस मंच से के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दोगे आप।

  4. पहले भाबी जी का ईमेल पता बताओ ;)
    आखिर मे आपने जो लिंक दिया है, वो इतना सुस्त कि खुलते खुलते शाम के सात बज गए और कम्पयूटर आफ करके घर जाना पडा कल आकर देखता हूं कि आपने कहां से ये लेख मारा :)
    “लिखा है औरतों की नज़र कयामत होती है” सही है, इसी लिए उनकी नज़र आज तक इस कयामत पर नही पडी :D
    हां एक बात कहना है और वो तो सब जानते ही हैं, यहां इस शहर मे जहां मैं रहता हूं प्यार मुहब्बत की इज़्ज़त ही नही है – यहां गर्लफ्रेंड और बुआएफ्रेंड ऐसे हैं जैसे रोज कपडे बदलते हैं।

  5. अरे मैं धन्यवाद बोलना भूल गया – बहुत काम की बातें हैं, ये लेख दूसरों तक पहुंचाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

  6. जीतू भाई मेरी सलाह है कि आप इस विषय पे बाकायदा लोगों को ट्यूशन दें और उसकी फ़ीस भी रखें
    दुकान चल निकलेगी

  7. वाह वाह, क्या बात है, आज लिखे हो हम जैसों के लिए कुछ फ़ायदेमंद चीज़। मैं भी सभी कुछ नोट कर लिया हूँ, पर अभी आज़मा नहीं सकता, जल्द ही testing चालू करेंगे, पर्चेज ऑर्डर देने से पहले!! ;) :D

  8. उस्ताद अपन से पाइंट नंबर 1, 4 और 11 में लोचा हो रहा था. अब दोबारा से पूरे ग्यारह सूत्रीय कार्यक्रम शुरू करना पड़ेगा. वरना यूं ही पूंछ अटकती रहेगी. पाइंट नंबर 8 तो मार्के का है. पाइंट नंबर 9 में उल्टा हो जाए तो क्या करना चाहिए? यानी दूसरे ऐंड से गिड़गिड़ाहट होने पर क्या किया जाए?

    और एक बात ये ग्यारह सूत्री पाइंट शादी वाली गर्लफ़्रेंड के लिए है या बिना शादी वाली के लिए? मेरा मतबल. शार्टटाइम या लांग टाइम रिलेशन्स के लिए? इधर, इस तरह का बहोत पंगा करते हैं यूथ लोग. इसे डिटेल में डिस्क्राइब करो. :P

  9. जीतु भाई, मजा आ गया पढ़ कर हाँलाकि हम तो १९९९ में ही ये परीक्षा पास कर चुके। कुवाँरे साथियों को फारवर्ड कर दिया है ताकि जो सवाल वो हमसे रह रह के पूछते रहते हैं, वो कम से कम जीतु भाई के रेडी रेकोनर की मदद से हल हो जाएँ। उन्हे ये भी कह दिया है कि बुकमार्क कर लो वर्ना साल में चार-छह बार हमसे ये लिंक पूछने के लिए आवोगे। सोचता हूँ क्यों ना ट्रेनिंग हाल में चिपका दूँ, वहाँ सबसे ज्यादा कुँवारे रहते है। नहीं, लिंक भेजने से काम नहीं चलेगा, क्योंकि ट्रेनियों का दिमाग न भटके, इसलिए नेट कि सुविधा नहीं होती़!
    जीतु भाई, यूँ ही लिखते रहो…….

    राजेश कुमार

  10. मजेदार लेख है :)

  11. जीतू भाई, काश आपने ये पहले लिखा होता, अब तो रिमोट कंट्रोल उन हाथों में चला गया है जहाँ से अब मुझे नहीं मिल सकता। खैर कुँवारे साथियों को मैं अपने अनुभवों से बता देना चाहता हूँ कि केवल यह लेख ही नहीं, दुनिया की कितनी ही, कोई भी सामग्री, पुस्तक, लेख आदि पढ़ने के बाद भी आपके जीवन के सभी सूत्र, आपकी सहमति-असहमति किसी भी स्थिति में, आपके विवाह के बाद अन्य हाथों में बाय डिफ़ॉल्ट जाना ही है। इसका आज तक कोई कुछ नहीं कर सका है और आप लोग भी कुछ नहीं कर सकेंगे। फिर भी इतना कह सकते हैं कि लगे रहो…

  12. जीतू भाई बहुत सही लिखे हो, एक प्वाइंट छूट गया लगता है, जब कोई इस पचड़े मे पड़ ही जाय तो एक बहुत सामान्य सी समस्या होती है, कन्याओं का बिना वजह गुस्सा हो जाना..तो इस पर भी कुछ प्रकाश डाला जाय :) !

  13. sab jhooth hai…..

  14. मूल लेख ” 10 Ways Women Judge You ” में केवल 10 नियम के अतिरिक्‍त एक ग्‍यार‍हवां नियम भी है – ” Does He Have the Potential to be a Good Father? ” – इसका उल्‍लेख करना शायद आप भूल गए हैं।

  15. when nothing works truth works.
    so be with it.
    whether its a lady or a man, everybody has a definitive character. you cannot generalize just because you happen to have a few experiences. more importantly, there is nothing wrong in looking for good qualities in an individual.

  16. when nothing works truth works.
    so be with it.
    whether its a lady or a man, everybody has a definitive character. you cannot generalize just because you happen to have a few experiences. more importantly, there is nothing wrong in looking for good qualities in an individual.

  17. when nothing works truth works.
    so be with it.
    whether its a lady or a man, everybody has a definitive character. you cannot generalize just because you happen to have a few experiences. more importantly, there is nothing wrong in looking for good qualities in an individual….

  18. जीतू भाई , डरते-2 पूछ रहा हूँ , यह सारे अनुभव शादी के पहले के हैं या बाद के :)

  19. डाक्टर साहबः
    हां शादी के बाद भी मगर भारत से बाहर ;) :D

  20. सर आप तो महारथी निकले ।

  21. जीतू भाई मै भी फारवर्ड करती हूँ लडकियों को कि अगर लडके ये सब करें तो समझा जाये कि उन्हे फाँसा जा रहा है!!

  22. रचना जी, कृपा बनाएं रखें. इसे किसी भी लड़की को फ़ारवर्ड न करें अन्यथा हमारा क्या होगा? आपको विनम्रतापूर्वक की गई हमारी प्रार्थना पर उदारतापूर्वक विचार करना चाहिए. ये सारे गुर जीतूभाई हमें अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए ही तो दे रहे हैं. :P
    रचना जी, आप इसे टॉप सीक्रेट्स फ़ोल्डर में रहने दें. बदले में मैं आपकी प्रत्येक रचना पर तीन टिप्पणियो का वाद अवश्य करता हूं. :)

  23. नीरज जी,
    ठीक है, आपकी विनम्र प्रार्थना को मान लिया है ( वो भी बिना आपकी की एक भी टीप्पणी के!). अब आप भी हमारी एक टीप सुन लीजिये, ‘लडकियाँ सब कुछ जानती हैं और लडकों से बेहतर जानती हैं! तो भलाई इसी मे है कि आप उसी तरह से व्यवहार करें जैसे की आप असल मे हैं’.और हाँ ये टीप्पणी मै ४ बार के अथक प्रयासों के बाद कर पाई हूँ तो अब कम से कम दो टीप्पणी मेरे लिये बनती है, एक आपकी और एक जीतू भाई की!

    रचना

  24. Jee haan…bahut hi awwal darze ki baatein likhi gayee hai…kaabile taarriff hai aapka observation …waise ek ladki ko bas main karne ke bahut se raaste sujhaaye hai…hon sakta hai isse kaafee logo ko isse kuch haasil hon jaaye… yunhi madad jarte rahiye saathiyon kee….bahut hi haasyaspad tarike se prastut kiya gaya hai…

  25. hello Jitu bhai, this is good essay but jab mai roj subah uthataa hun TOI me ese hamesha hi pad leta hun,aaj jaroorat hai behavioural discussion ki jo Guys & Gals ke reactions par aadhaarit ho…ladkiyaa sabse jayeda wo alag pehachan ko talashti hai jo kisi aur me nahi dikhai deti.mai to kahunga ki jab aap etana accha likhate hi hai to kyu nahi Newly Married Couple ke liye un real anubhav ko agar likhen jo aapne mahsoosh kiya hai to Unmarried Or Married dono ko Mazaa aayegaa.

  26. अब शादी तो करना नहीं है पर आगर सेक्स करना हो तो कोई फंदा भी बता दो

  27. accha hai hittu bhai pr mera time khatam ho gaya hai,aab dekhte hamaare bachhe kya gul khilaate hain,matlab meri shadi ho gayee hai,eek baat batiye jitu bhai shadi shuda aurat ko patane ka koi tarika hai kya,yaddi hoo ho jaldi se mera mail pr bhej dejea

  28. jitu ji mene aapke lekh padhe, par me isme se kai baate estemal kar chuka hu, par kis ladki ko kitna bhi pyaar kar le, use viswash nahi hota, aaj kal ki ladkiya to bas pese, smart or sharir ka pyaar chati h, koi ladki kisi ladke ki filnig hi nahi smhajti, me ek ladki se bhut pyaar karta hu, me uske boole bina sab smajh jata hu, uski pasand na pasand sab janta hu, phele humari dosti thi jab mujhe usse pyaar hua to mene use bata diya, lekin wo bura maan gai, mene use manane ki kai baar koshis ki lekin aaj mujhe usse baat kiye 1 manth ho gaya h, wo mujhse baat nahi karti, wo jo ek pal bhi mujhse baat kiye bina nahi rheti thi, to aaj kya ho gaya, kya wo pyaar tha ya kuch or……..1 saal se hum ek dusre ko jante h, or uski nazar me me ek acha ladka hu, or wo mujhe apni sari bate batathi thi, agar uske paas koi rong namber bhi aa jaye to wo bhi mujhe batati thi, ke aaj mere paas ek rong namber aaya tha, mujhe laga shayd wo bhi mujhse pyaar karti ho, isiliye mene usse bool diya, par me to fas gaya na, ab na to meri achi dost rahi na hi pyaar mila……me to akela hi rhe gaya…….

  29. Bahut shandar jeetu bhai, mazaa aa gaya.Apni zindagi me pehli baar main kisi ke blog per tippadi kar raha hu.Jaldi me hu, phir mauka mila to zaroor comment karunga

  30. youth ke liye shandaar blog hai. Single logon ki to lottery hi lag gayee jeetu bhai, jitna apne apna anubhav bata dia logon ko poori zindgi me hoga.mujeh bhi iska fayada milega. Shukriy

  31. ye aaida to bahut accha hai lekin ladki patane ke liye kya kare tab ladki jaldi pat jaye aur use hamse payer ho jaye kuch aisa comment bejo

  32. mai aur kapil bhi payer ka is tarh karte hai aur ham to dil se chahte sub kuch bat karte hai magar i love you kahne ke liye dhar lagta hai jaldi se mai i.l.u. kahne wala hoon kya ye sahi hoga
    I LOVE YOU RANI (RINKI)Dhamdha

  33. अरे भैया आपने तोह कमल कर दिया बहुत अच्छी जानकारी आप ने हम सब पढने वालो तक पहुचाई है इस के लिए आप को बहुत धन्यवाद!

    पर एक बात है भाई जी आप को ये सब चीज का बड़ा हे तजुर्बा है तोह आपने भी किसी लड़की के लिए ये सब किया है वाह मस्त है ये तोह

    पता नाही कब ये दिन हमारी किस्मत मैं आएगा की हम भी किसी लड़की के लिए ये सब करेगे

    धनयबाद !!!!

  34. आपने सही लिखा है ज्यादा bolna सही नहीं है our भी jitne tips आपने दिए वो भी मस्त है मेरे साथ भी यही हुआ

  35. मजा आ गया जीतेन्द्र जी,
    अब तो कोई गलती नहीं करूंगा, साथ ही ये भी ध्यान रखूंगा की
    मई कहाँ पर गलतफहमी में हूँ……..

  36. वहुत वहुत धन्यवाद जीतेन्द्र जी
    अच्छी जानकारी दी

  37. सर सब कुछ सच hai

  38. आईटी ” फबुलास थैंक्स ४ थिस ब्लाक
    जीतू सर आप जेसे नोलेगे देने वाले लोग भोत कम हे इंडिया में
    वर्ना यहाँ पर पोर्न साईट के आलावा कुछ अच्छा मिलता ही नहीं इस टाइप की साईट के बारे में बताने का कास्ट करे & प्ल्ज़ ये ब्लोगर केसे बनते है ये और बताइए यौर न्यू फेन प्रशांत गुप्ता

  39. khatm khalifo agar samay jyada hai to khud ki aur desh ki tarrakki ke bare me soch lo chu……

  40. bahut badhiya jeetu sir.

  41. अब तो ऐसे लेख के लिए काफी देर हो चुकी है… फिर भी निजी अनुभव से कहता हूं कि यह किताबी बाते हैं… प्रेक्टिकली ऐसा कुछ नहीं होता।

    मेरा दो तरह का अनुभव है

    पहली नजर में प्‍यार – यह या तो होता है या नहीं होता है। अंडरस्‍टेंडिंग और दूसरे काम बाद में होते रहते हैं।

    पटाना – इसकी एक निश्चित प्रक्रिया है। यह आपको हर बार दोहरानी होती है और सटीक काम करती है। भले ही आपकी दाढ़ी बढ़ी हुई हो, कपड़े गंदे हो या दांत मैले हों… कोई फर्क नहीं पड़ता। बशर्ते कन्‍या को लगे कि दुनिया में उसके अलावा आपका और कोई है ही नहीं :)
    सिद्धार्थ जोशी´s last blog post ..लो आ गया नया ज्‍योतिषी

  42. Mai ek ladki se pyar karta hu.wo mere sath padhti hai.mai hamesha uske bare me sochata rahta hu.per wo mere bare me kya sochati hai mujhe pta nahi.aap mujhe kuch aisa bataiye ki wo mujhe pasand karne lage.jitendra sahu

  43. NOTE :- All MY Frds.
    Raj

    acha hai, but ye sari baate sab he net pe padte hai girls and boys,
    fir apne kaha h only boys ke liye ab ladkiya itni b bebkuf to hai nahi jo ye pade or fir b galit kare,
    or ek baat ye ki hr kisi ka dil ek jaisa to hota nahi h, sab different sochte hai,
    but haa kuch log esse jarur soch samj kr kaam krange q k unehe pata nahi hota ki hme girls ke saat kaise treat krna chahiye, kuch to eska faltu use krange, kuch time pass ke liye ye use krange, yaar kuch galt raste pe he jayge or kuch thik ho jayge,
    I hope sab be positive soche,
    or ha jish trha apne girls ke bare mai likha h to girls b to ye soch sakti hai, means kuch aisa jo ladke m like dislike ho,
    samjhe,
    khair ye to life m chalta rahega,
    good day have a nice day,
    Raj

  44. अब तो ऐसे लेख के लिए काफी देर हो चुकी है… फिर भी निजी अनुभव से कहता हूं कि यह किताबी बाते हैं… प्रेक्टिकली ऐसा कुछ नहीं होता।

    मेरा दो तरह का अनुभव है

    पहली नजर में प्‍यार – यह या तो होता है या नहीं होता है। अंडरस्‍टेंडिंग और दूसरे काम बाद में होते रहते हैं।

    पटाना – इसकी एक निश्चित प्रक्रिया है। यह आपको हर बार दोहरानी होती है और सटीक काम करती है। भले ही आपकी दाढ़ी बढ़ी हुई हो, कपड़े गंदे हो या दांत मैले हों… कोई फर्क नहीं पड़ता। बशर्ते कन्‍या को लगे कि दुनिया में उसके अलावा आपका और कोई है ही नहीं

  45. dosto kya aap meri ek help karoge ?

  46. Wah sir padhkar maza aagaya, aur sab se jada maza aap ke lekhan ke tarike ko padhkar aaya. thnx. sir

  47. BILKOOL SAHI LKHA AAPNE

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