गागर मे सागर

वो भी क्या ज़माना था, जब हम पीसी (XT के पहले वाला) पर काम करते थे, अपना सारा काम समेटकर हम एक फ़्लौपी मे डाल दिया करते थे। बहुत खुश रहते थे। लेकिन जैसे जैसे नयी नयी तकनीके आयी, फिर विन्चेस्टर ड्राइव और फिर हार्ड-डिस्क का जमाना आया तो फ़्लौपी तो लुप्त ही हो गयी। लेकिन अभी भी दिन भर का काम घर ले जाने की परम्परा कायम है। क्या पता, कल को कुछ आफिस के कम्प्यूटर/नैटवर्क मे पंगा हो जाय तो? है ना भई। तो भई फ़्लौपी का स्थान ले लिया है फ़्लैश-ड्राइव ने, इसने भी कई रुप रंग बदले। कहाँ २० एमबी से अब २ जीबी वाली प्रयोग करने लगा हूँ। लेकिन परेशानी आती थी, क्या कोई ऐसा आपरेटिंग सिस्टम, प्रोग्राम है जो सिर्फ़ फ़्लैश-ड्राइव पर चलें, जिससे कम्प्यूटर से कोई लेना देना ना हो।

portableapps

तो जनाब, हो जाइए तैयार, क्योंकि अब आ गया है पोर्टेबल एप्लीकेशन सूट (PortableApps Suite :your computer,without the computer ) बहुत ही शानदार चीज है यार। इसमे वो सबकुछ है जो हम प्रयोग करते है या करना चाहते है। और हाँ सब-कुछ मुफ़्त। है ना कमाल की चीज। सारे साफ़्टवेयर्स का विवरण यहाँ है और डाउनलोड लिंक इधर । किसी भी प्रकार की परेशानी आने पर इनके फोरम से सम्पर्क किया जा सकता है। इस साफ़्टवेयर का असली मजा तो तब है, जब आप यात्रा पर हो, और किसी दोस्त का कम्प्यूटर या मांगे का कम्प्यूटर प्रयोग करना पड़े। तब आपको इसके साफ़्टवेयर का असली इस्तेमाल करने को मिलेगा। है ना कमाल की चीज? तो मौज करिए। इस साफ़्टवेयर के तीन संस्करण है ।ये रहा बाकी का विवरण :

  • Base: 0.7MB (download), 1MB (installed)
  • Lite: 30.4MB (download), ~105MB (installed)
  • Standard: 89.5MB (download), ~260MB (installed)

# System Requirements: Windows 98/Me/2000/XP/Vista and Wine
*The base apps and some bundled apps will work under Windows 95
# License: Free / Open Source (Mozilla apps: MPL, Others: GPL)


6 Responses to “गागर मे सागर”

  1. कमाल की जुगाड़ दिख रही है, हम भी इस मुफ्त के माल को डाउनलोड करने में लगे हुए है.
    और यह क्या? आपतो कपड़ों से भी तेज अपने चिट्ठे की थीम बदल रहे है. वो भी एक से बड़ कर एक. लाते कहाँ से है?

  2. बहुत ही अच्छी जानकारी ।

  3. बहुत अच्छी जानकारी दी आपने, धन्यवाद

    थीम भी बहुत अच्छी लग रही है,
    आपके पन्ना इससे पहले इतना खूबसूरत कभी नहीं लगा था। :)

  4. नाम तो सुना था पोर्टेबल एप्स का पर असल उपयोग आपने बताया। नई थीम तथा ऊपर की दृश्यावली बहुत मनोहर है।

  5. दरअसल यह चलते फ़िरते सॉफ़्टवेयर यानि कि portable applications को मशहूर बनाया U3 Smart Drives ने जिन्होंने फ़्लैश ड्राईव बनाने वाली कंपनियों के साथ सांठ-गांठ कर अपने सॉफ़्टवेयर से लदी फ़्लैश ड्राईव बाज़ार में निकाली और जो चली भी खूब। वैसे टॉप क्लास मेमोरी निर्माता Kingston ने हाल ही में भारत में अपनी 1GB की U3 वाली फ़्लैश ड्राईव निकाली हैं लगभग Rs.3500 रूपए प्रति ड्राईव की कीमत पर, जो कि वाजिब लगती है। :)

  6. बहुत ही अच्छी जानकारी दी है आपने। अभी कुछ दिनो पहिले मैने एक फ़्लैश ड्राईव ख्ररीदी केवल 800 रुपये मे 2 GB की नयी दिल्ली से। भारत मे काफ़ी सस्ती वस्तुये मिलने लगी है।

जरुरी सूचना

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