जाते हुए साल की आखिरी टेन्शन

अरे! ये क्या? ये तो पूरा का पूरा साल ऐसे सरक गया जैसे घूस की मोटी रकम, नेताओं के जेब मे सरक जाती है। अभी कुछ समय पहले ही तो ये साल शुरु हुआ था। साल 2006 की शुरुवात अच्छी नही हुई थी, क्योंकि दिसम्बर 2005 मे ही पिताजी का इन्तकाल हुआ था, इसलिए मेरा नववर्ष भारत मे ही बीता, मनाने और पार्टी करने का तो सवाल ही नही पैदा होता था। इसलिए पिछले साल की नववर्ष की पूर्व संध्या पर होने वाली पार्टी रद्द कर दी गयी थी।

लेकिन इस बार, भाई लोग पूरे जोशो-खरोश के साथ, नया साल मनाने के लिए मैदान मे उतर पड़े है। लेकिन मेरे लिए दिसम्बर का आखिरी हफ़्ता हमेशा टेन्शन मे ही बीतता है, टेन्शन काम की नही यार! पार्टी को आर्गेनाइज करने की टेन्शन, वैसे हो सभी सालों मे पार्टी को आर्गेनाइज करने का ठीकरा हमारे ही सर फोड़ा जाता था, लेकिन इस बार हमारे जिम्मे थोड़ा ही काम है। (हमने बाकी का सारा आउटसोर्स कर दिया है।) हमारे जिम्मे है गिफ़्ट वगैरहा का इन्तजाम करना, गेम्स खिलाना और म्यूजिक वैगरहा।

जहाँ तक गिफ़्ट वगैरहा का सवाल है वो तो हम झेल लेंगे, लेकिन म्यूजिक वहाँ पर दिक्कत आती है, हम ठहरे गम्भीर टाइप के संगीत प्रेमी, अगर हमने पार्टी मे अपनी पसन्द के गाने चलाए, तो लोग भाग जाएंगे, जाते जाते जुतियाएंगे भी और शायद लौटकर भी ना आए। इसलिए भैया हम ब्लॉगर भाइयों की शरण मे है, हमे आप अपनी पसन्द के २० गाने बताओ, मस्ती भरे, डान्स डून्स करने लायक। जो पार्टी मे बजे तो रौनक आ जाए, और लोग बाग डान्स करने से अपने आपको रोक ना सकें। लेकिन भैया ये गाने हो लेटेस्ट और हाँ ये खतर-नाक वाले सिंगर हेमेश रेशमैया के गाने तो कतई नही चलेंगे। तो भाइयों थोड़ी सहायता करो, अगर लिंक भी दे सको, तो हमे mp3 बनाने मे सहायता मिलेगी।

अब बारी गेम्स की, इसमे भी हम आपकी शरण आए है, पुराने गेम्स खिलाते खिलाते हम और गेस्ट दोनो थक गए है, हमे ५ गेम्स बड़ों के (युगलों के) और ५ गेम्स बच्चों के चाहिए, गेम्स थोड़े इन्नोवेटिव हो, कम से कम सामान का जुगाड़ करना पड़े तो बेहतर। तो भाइयों और बहनों शुरु हो जाओ, आपका टाइम शुरु होता है अब। बदले मे हम आपको पार्टी की पूरा ब्योरा देना का वचन देते है, फोटो सहित।

देखो जल्दी बताना, हमारी नाक नही कटनी चाहिए, हमारी नाक, ब्लॉगर बिरादरी की नाक है। है ना?

3 Responses to “जाते हुए साल की आखिरी टेन्शन”

  1. बच्चों के लिए खेल,हाँलाकि बडे भी खेल सकते हैं :
    १. ‘बच’ :खेलने वाले गोलाई में बैठ जाँए। खेलने वालों को सात का पहाड़ा (table) याद हो। एक तरफ़ से,एक बाद एक गिनती बोलना शुरु करें – १,२,३… लेकिन ७ के गुणक(multiple) और जिस संख्या में ७ आता हो,जैसे ७,१७,२७….७३,७४ उन पर संख्या नही बोलनी है।उसकी जगह ‘बच’ बोलना है।संख्या बोल दी तो खेल से बाहर और अगला बच्चा १ से शुरु करेगा.अपनी बोलने की बारी आने पर थोड़ा ज्यादा समय लेने वाला भी ‘आउट’.
    लगातार दो बार ‘बच’ की नौबत कब आती है इसका तेज लोग पहले से अन्दाज़ लगा लेते हैं।
    २. ‘खाया’ और ‘फुर्र’ :’खाया’ में बायें हाथ को प्लेट बना कर,दाहिना उस पर कौर उठाने की मुद्रा में रख लें.खेल कराने वाला खाने वाली चीज का नाम लेगा,खेलने वालों को तुरन्त दाहिना हाथ मुँह पर ले जाना होगा और साथ – साथ बोलना होगा – ‘खाया’.बीच -बीच में अखाद्य वस्तु का नाम लेना हो गा,जिस पर दाहिना उठाने वाले भी ‘आउट’ और ‘खाया’ बोलने वाले भी आऊट ! इसमें खेल की सहूलियत के लिए यह नियम भी बनाया जा सकता है कि मान्साहारी चीजों पर भी ‘खाया’ नही बोलना है.खेल कराने वाले को थोड़ा अभ्यास करना होगा.जल्दी जल्दी बोलने का .( टिप्स) अखाद्य वस्तु से शुरु करने पर कई लोग एक साथ आऊट हो जाते है.
    ‘फुर्र’ मिलता-जुलता है.एक हाथ की उंगली(तर्जनी) जमीन से लगा कर रखें.किसी पक्षी का नाम लेने पर (१) उंगली उठ कर आकाश की या छत की ओर जाएगी और बोलना होगा-‘फुर्र’
    खाया के तुरन्त बाद फुर्र या उल्टा कराते वक्त खाने वाली चीजों को भी उडा देने वाले ‘आउट’.
    ३. ‘ ऐसे’ – ‘कैसे’ :खेल खडे हो कर होगा.खेल कराने वाले से मुखातिब सब लोग खड़े होंगे.खेल कराने वाला ‘ऐसे’ बोल कर जो मुद्रा(साधारण व्यायाम की या जो भी जैसे अपनी नाक पकड़ना,दोनो कान पकड़ना आदि) बनायेगा उसकी नकल करनी है,’कैसे’ बोल कर जो मुद्रा बनायेगा उस पर नकल नही करनी है,उसके पहले वाली मुद्रा में बने रहना है.’ऐसे’ में तुरन्त न करने वाले और ‘कैसे’ में करने वाले ‘आउट’.

  2. हमे आप अपनी पसन्द के २० गाने बताओ, मस्ती भरे, डान्स डून्स करने लायक। जो पार्टी मे बजे तो रौनक आ जाए, और लोग बाग डान्स करने से अपने आपको रोक ना सकें। लेकिन भैया ये गाने हो लेटेस्ट और हाँ ये खतर-नाक वाले सिंगर हेमेश रेशमैया के गाने तो कतई नही चलेंगे।

    अरे!! सबसे पहला गाना तो मैं वही सुझाने वाला था, वो “झलक दिखला जा”। पार्टियों आदि में तो ये खूब बजता है!! 😉 पर अब आप मना कर रहे हो तो दूसरे गाने देखते हैं।

    नए ताज़े गानों की कोई खासी जानकारी नहीं(मैं तो अभी भी पुराने गाने ही सुन रहा हूँ, 3 वर्ष या उससे पुराने)। खैर फ़िर भी(पहले गाने का नाम है फ़िर फ़िल्म का):

    1) समझो हो ही गया – लगे रहो मुन्नाभाई
    2) लगे रहो मुन्नाभाई – लगे रहो मुन्नाभाई
    3) तेनू लेके – सलाम-ए-इश्क
    4) दिल लगा ना – धूम 2
    5) आज की रात – डॉन (नई वाली)
    6) क्या मुझे प्यार है (रीमिक्स) – वो लम्हे
    7) है इश्क ये क्या एक खता – बस एक पल
    8) बस एक पल (रीमिक्स) – बस एक पल
    9) आ खुशी से खुद खुशी कर ले – भागम भाग
    10) सिग्नल – भागम भाग
    11) तेरे बिन (रीमिक्स) – भागम भाग

    बस अब इससे अधिक गाने नहीं पता आजकल के जो पार्टी आदि में चलाए जाने लायक हों। 🙂

  3. इत्ते सारे गीतों वाले चिट्ठों के तुम कर्णधार हो
    फिर भी गीत नहीं मिलते हैं, है अच्छा ये एक बहाना
    लटके वाले झटके वाले जितने चाहो मिलें सामने
    सिर्फ़ जेब ढीली कर दे दो रुपे आठसौ, बारह आना