मैने अपनी पिछली पोस्ट हिन्दी पोर्टल का खेल मे बताया था कि
इधर गूगल बाबा ने भी कमर कस ली है, लेकिन गोपनीयता की शर्तो की वजह से मै किसी भी चीज का खुलासा नही कर सकता, इसलिए बस इन्तज़ार करिए और मजा लीजिए। हिन्दी पोर्टल का खेल तो अभी शुरु ही हुआ है।
गूगल वाले जल्दी ही कोई घोषणा करने वाले है इसकी उम्मीद बहुत पहले से ही थी। पिछले दिनो गूगल बाबा जब अवतरित हुए तो हमने सवाल उछाला, (इसे) लांच कब करोगे? तो वे सिर्फ़ मुस्कराकर चुप रह गए थे। (बाकी बातों का खुलासा नही कर सकते)
आखिरकार गूगल ने अपनी हिन्दी समाचार की साइट गूगल न्यूज हिन्दी को लांच कर दिया है। अभी ये अपने प्रारम्भिक स्तर पर है, इसके बारे मे अवलोकन की पोस्ट आपको जल्द ही मेरे ब्लॉग पर देखने को मिलेगी।
धन्यवाद गूगल बाबा, अब हिन्दी समाचारों के लिए दर दर भटकना नही पड़ेगा, और हाँ मेरी कही बातों पर ध्यान देना।
आप इन्हे भी पसंद करेंगे
- सितम्बर 5, 2008 -- मेरा पन्ना के चार साल पूरे (33)
- मई 31, 2008 -- धन्यवाद गूगल एडसेंस (23)
- अप्रैल 4, 2008 -- अब फोन द्वारा सर्च उपलब्ध (0)
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- मार्च 29, 2008 -- वर्डप्रेस 2.5 संस्करण उपलब्ध (7)
- फरवरी 13, 2008 -- अब रेलगाडियों और स्टेशनों पर फ्री ब्राडबैंड सेवा (3)
- फरवरी 12, 2008 -- रोजनामचा वाले अतुल अरोरा भारत में (2)
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on गुरुवार, मार्च 1st, 2007 at 7:03 pm and is filed under Uncategorized.
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Author: Jitendra Chaudhary (507 Articles)

जन्म से कानपुरी, लेकिन रोटी के लिये मिट्टी से दूर, साफ़्टवेयर बनाते बनाते कब ब्लॉग लिखने लगे, पता ही नही चला। फिर कुछ शरारती तत्वों ने लेखन की तारीफ़ दी, अब झेलो, कानपुरी हूँ, इत्ती जल्दी तो नही रुकने वाला। इंटरनैट के लती। लेखन शैली में श्री के पी सक्सेना जी से प्रेरित। भारतीय राजनेताओ से खासी चिढ,वैसे भी तारीफ़ के लायक तो कोई काम किए नही ये लोग। भारत की सामाजिक एवम राजनैतिक दुर्दशा से व्यथित। इसी व्यथा का ही नतीजा है कि हम ब्लॉगिंग मे कूदे। आजकल कुवैत मे डेरा है, यही पर बसेरा है। अब देखते है कब तक हम इस खूंटे डेरे से बंधे रहते है।
सपनाः हिन्दी इन्टरनेट की आधिकारिक भाषा बने।
पसन्दः राजनीतिक चर्चा, बचपन की यादें।
नापसन्दःनहाने के बाद,पत्नी द्वारा,बाथरूम मे वाइपर लगाने को बाध्य किया जाना
मेरे बारे मे बाकी जानकारी इधर है:
मेरा पन्ना पर टिप्पणी करने वालों के लिए एक तोहफा। आप टिप्पणी करिए और अपने ब्लॉग का पता सही सही भरिए, हम आपके ब्लॉग की आखिरी पोस्ट का लिंक यहाँ दिखा देंगे। इससे आपके ब्लॉग को कुछ और पाठक मिलेंगे। है ना सही चीज? तो फिर देर किस बात की है, शुरु हो जाइए।
नेट पर हिन्दी के कदम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। खुशी की बात है। बढ़ते रहो, बढ़ते रहो!!
हिन्दी जिस गति से प्रगति कर रही है, उसे देख कर खुशी हो रही है.
आपको भी धन्यवाद आप अन्दर की खबर बाहर लाए.
पर पता नहीं क्यों लगता है, गूगल ने जल्दी-जल्दी जूगाड़ किया है, समाचार पोर्टल के लिए. जो भी हो, है अच्छी खबर.
wah……………gooooogleeeeeeeeeeeeee……..
Ashok Rajpurohit
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