वैसे तो वर्डप्रेस 2.5 के संस्करण के बारे मे, मैने आपको अपनी पिछली पोस्ट मे बताया। इसको अपग्रेड करने का तरीका नीचे सिलसिलेवार बताया गया है। लेकिन यदि आप इसको स्वयं ना करना चाहे तो अब एक बेहतर जुगाड़ आ गया है। अब एक ऐसा प्लग-इन उपलब्ध है जो आपके वर्डप्रेस के वर्जन (1.5 या उससे नया) को नए संस्करण पर आटोमेटिक तरीके से अपग्रेड कर सकता है। इसका तरीका बहुत ही आसान है, ये वाला प्लग-इन डाउनलोड करिए। ये प्लग-इन आपके लिए ढेर सारे काम करेगा:
- ये प्लग-इन पहले आपके वर्जन को चैक करेगा।
- आपके उपलब्ध प्लग-इन के मौजूदा संस्करण को चैक करेगा।
- किसी भी प्रकार की भावी समस्या के लिए , एक अपग्रेड रिपोर्ट बनाएगा।
- आपके सभी प्लग-इन को असक्रिय करेगा।
- आपके जरुर फोल्डर का बैक-अप लेगा, और उसे डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराएगा।
- आपके डाटाबेस का बैक-अप लेगा, और उसे डाउनलोड के लिए उपलब्ध भी कराएगा।
- वर्डप्रेस के नए संस्करण को डाउनलोड करेगा।
- सभी सक्रिय प्लग-इन को असक्रिय करेगा
- नए संस्करण को आपके ब्लॉग के फोल्डर पर स्थापित करेगा।
- आपकी डाटाबेस को नए संस्करण के अनुसार अपग्रेड करेगा।
- सभी संस्करण को एक एक करके सक्रिय करेगा।
- सभी प्लग-इन के नए संस्करण की उपलब्धता के बारे मे दर्शाएगा और उन्हे आटोमेटिक अपग्रेड करना का लिंक देगा (ये वर्डप्रेस के नए वर्जन का फीचर है।)
- अंत मे इसने जो भी काम किया है, उसका एक लॉग बनाकर डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा देगा।
किसी भी प्रकार की समस्या आने पर आप, पुराने संस्करण पर वापस जा सकते है। इस प्लग-इन को डाउनलोड करने के लिए यहाँ पर जाएं। अधिक और जरुरी सवालों के लिए यहाँ देखें। मैने आज ही अपने सभी वर्डप्रेस के स्थापित ब्लॉग्स को नए संस्करण पर अपग्रेड कर दिया है। किसी भी प्रकार की असुविधा और समस्या के लिए टिप्पणी द्वारा सम्पर्क करिए।
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on मंगलवार, अप्रैल 15th, 2008 at 10:05 am and is filed under विविध.
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Author: Jitendra Chaudhary (508 Articles)

जन्म से कानपुरी, लेकिन रोटी के लिये मिट्टी से दूर, साफ़्टवेयर बनाते बनाते कब ब्लॉग लिखने लगे, पता ही नही चला। फिर कुछ शरारती तत्वों ने लेखन की तारीफ़ दी, अब झेलो, कानपुरी हूँ, इत्ती जल्दी तो नही रुकने वाला। इंटरनैट के लती। लेखन शैली में श्री के पी सक्सेना जी से प्रेरित। भारतीय राजनेताओ से खासी चिढ,वैसे भी तारीफ़ के लायक तो कोई काम किए नही ये लोग। भारत की सामाजिक एवम राजनैतिक दुर्दशा से व्यथित। इसी व्यथा का ही नतीजा है कि हम ब्लॉगिंग मे कूदे। आजकल कुवैत मे डेरा है, यही पर बसेरा है। अब देखते है कब तक हम इस खूंटे डेरे से बंधे रहते है।
सपनाः हिन्दी इन्टरनेट की आधिकारिक भाषा बने।
पसन्दः राजनीतिक चर्चा, बचपन की यादें।
नापसन्दःनहाने के बाद,पत्नी द्वारा,बाथरूम मे वाइपर लगाने को बाध्य किया जाना
मेरे बारे मे बाकी जानकारी इधर है:
मेरा पन्ना पर टिप्पणी करने वालों के लिए एक तोहफा। आप टिप्पणी करिए और अपने ब्लॉग का पता सही सही भरिए, हम आपके ब्लॉग की आखिरी पोस्ट का लिंक यहाँ दिखा देंगे। इससे आपके ब्लॉग को कुछ और पाठक मिलेंगे। है ना सही चीज? तो फिर देर किस बात की है, शुरु हो जाइए।
बहुत बहुत धन्यवाद!!
PLUGIN DOWNLOAD KARNE KA LINK KAHAN HAI ?