जैसा कि आप सभी को पता है कि अभी पिछले दिनो मदर्स डे मनाया गया। अब इस मदर्स डे की वजह से माताओं को कितनी परेशानियां उठानी पड़ती है, वो इस कार्टून को देखकर आप स्वयं ही अंदाजा लगाइए:

इस शानदार कार्टून को बनाया है अमरीका मे रहने वाले हमारे एक मित्र महेन्द्र शाह ने। महेन्द्र शाह पेशे से आर्किटेक्ट है और लगभग तीस साल से अमरीका मे बसे हुए है। कार्टून बनाना इनका शौंक है। अब आप हर सप्ताह, महेन्द्र भाई के कार्टून, हिन्दी रुपांतर के साथ, अपने पसंदीदा ब्लॉग मेरा पन्ना पर देख सकते है।
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on शुक्रवार, मई 16th, 2008 at 1:03 pm and is filed under विविध.
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Author: Jitendra Chaudhary (511 Articles)

जन्म से कानपुरी, लेकिन रोटी के लिये मिट्टी से दूर, साफ़्टवेयर बनाते बनाते कब ब्लॉग लिखने लगे, पता ही नही चला। फिर कुछ शरारती तत्वों ने लेखन की तारीफ़ दी, अब झेलो, कानपुरी हूँ, इत्ती जल्दी तो नही रुकने वाला। इंटरनैट के लती। लेखन शैली में श्री के पी सक्सेना जी से प्रेरित। भारतीय राजनेताओ से खासी चिढ,वैसे भी तारीफ़ के लायक तो कोई काम किए नही ये लोग। भारत की सामाजिक एवम राजनैतिक दुर्दशा से व्यथित। इसी व्यथा का ही नतीजा है कि हम ब्लॉगिंग मे कूदे। आजकल कुवैत मे डेरा है, यही पर बसेरा है। अब देखते है कब तक हम इस खूंटे डेरे से बंधे रहते है।
सपनाः हिन्दी इन्टरनेट की आधिकारिक भाषा बने।
पसन्दः राजनीतिक चर्चा, बचपन की यादें।
नापसन्दःनहाने के बाद,पत्नी द्वारा,बाथरूम मे वाइपर लगाने को बाध्य किया जाना
मेरे बारे मे बाकी जानकारी इधर है:
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