आओ वैब पर हिन्दी ढूंढे

क्या आपने कभी वैब पर हिन्दी ढूंढी है, यकीं मानिए वैब पर हिन्दी साइट ढूंढने मे बहुत मजा आता है, आइये आप भी मजा लीजिये:

आपको भी कोई साइट दिखे तो बताइये हम सबको, तड़का लगाकर।

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5 Responses to “आओ वैब पर हिन्दी ढूंढे”

  1. सही है। ऐसी वेबसाईटें खोजने का नुस्खा भी तो बताईये!!

    इजराइली संगीत की साइट हिन्दी में, ग्राहक है क्या इसके?

    कोई आवश्यक नहीं है, कई बार कंपनियाँ आदि यूँ ही अन्य भाषाओं में अपनी वेबसाईट का अनुवाद डाल देती हैं।

    अपने डैनियल पाइप (क्या नाम है?) भी हिन्दी मे लिखते है

    वो नहीं लिखते, वे सभी लेख आदि किसी और के द्वारा अनुवादित हैं।

    हिन्दी भी बहुत दुखी लिखी है, उदाहरण:लीखीते,बीझनीश,परीणाम,शंसोधन…..ना ना…..अब नही झेला जाता, आप खुद ही पढिए

    बहुत से लोगों का यह हाल है, और सभी भाषाओं के साथ है। जिस तरह सभी अमरीकियों और अंग्रेज़ों को सही से अंग्रेज़ी बोलनी और लिखनी नहीं आती, उसी तरह अन्य भाषियों में भी यह समस्या है कि ठीक तरह से लिखने में दिक्कत है। और यह समस्या अधिकतर उन भाषाओं के साथ है जिनमें स्वर बहुत हैं जिसकी वजह से वह भाषा थोड़ी कठिन हो जाती है, जैसे हिन्दी।

  2. एक्टर डायरेक्टर वाली साईट तो बहुत ही हास्यास्पद है, कविता का नमुना देखिये
    तुम्हे लेके मैं मरुंगा
    इतना भरोसा करना
    अमर बना हुँ में साजन
    तुम सजनी अमर बनना”

    सुभान अल्लाह क्या कलम की ताकत पाई है!!! 🙂
    और एक नमूना डायलोग का
    “तू हीन्दू बनेगा ना मुसलमान बनेगा,
    विज्ञान की औलाद है विज्ञान बनेगा”

    भाइ खुब क्या लिखते है, पढ़ कर आँख में आँसु आ गये.
    शब्दॊं पर गौर फ़रमाईये – मुश्कीलों, ज़ीन्दगी, जीवीत, कीतना…. आदि छोड़ो यार आपका मजा किरकिरा करने का मुझे कोई हक नहीं, आप खुद ही पढ़िये.
    एक साईट ओर देखिये माननीय अट्टल बीहारी बाजपयी की कविता “मौत से ठन गयी”
    http://userpages.umbc.edu/%7Eanoop2/2004/06/blog-post.html
    (यह मात्रा जैसे पृष्ठ पर दिखायी गयी है उसी तरह यहाँ लिखी गयी है.)

  3. माफ़ी चाहता हुँ, फ़ीक्र की “मौत से ठन गयी” का लिंक मैने फ़िर से दे दिया जिसे जीतु भाई लिख चुके थे.

  4. वाह! शास्त्रीय संगीत वाला साइट का लिंक देने का धन्यवाद।

  5. फादर एमिल बुल्के हिंदी अंग्रेज़ी के शब्दकोश के लिए जाने जाते हैं.
    सुनील