.jpg)
मुम्बई बम धमाको के बाद, आतंकवादियों को ढूंढ सकने मे नाकाम, भारत सरकार ने नागरिक सुरक्षा के नाम पर जिस तरह ब्लॉगरों की
साइटों को प्रतिबन्धित किया है वो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अलोकतान्त्रिक और संविधान विरोधी है। इसकी जितनी निन्दा की जाए कम है। विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र मे ऐसी घटना का होना शर्मनाक है। मै हिन्दी ब्लॉगरों की ओर से भारत सरकार से अपील करता हूँ कि अपना यह अलोकतान्त्रिक रवैया छोड़े। लोकतन्त्र मे आप किसी से अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का हक नही छीन सकते।
मै सभी चिट्ठाकारों से कहना चाहूँगा कि अपनी अपनी आवाज अपने ब्लॉग के माध्यम से बुलन्द करें। यदि आप अपने ब्लॉग तक नही पहुँच पा रहे है तो परिचर्चा मे भाग लेकर अपने विचार व्यक्त करिए।
नोट: इस ब्लॉग के बाकी के लिखे नीचे जारी है।
आप इन्हे भी पसंद करेंगे
- सितम्बर 5, 2008 -- मेरा पन्ना के चार साल पूरे (33)
- मई 31, 2008 -- धन्यवाद गूगल एडसेंस (23)
- अप्रैल 4, 2008 -- अब फोन द्वारा सर्च उपलब्ध (0)
- अप्रैल 3, 2008 -- एक और हिन्दी पोर्टल : एनडीटीवी खबर (2)
- मार्च 29, 2008 -- वर्डप्रेस 2.5 संस्करण उपलब्ध (7)
- फरवरी 13, 2008 -- अब रेलगाडियों और स्टेशनों पर फ्री ब्राडबैंड सेवा (3)
- फरवरी 12, 2008 -- रोजनामचा वाले अतुल अरोरा भारत में (2)
- फरवरी 7, 2008 -- मेरा पन्ना अब मोबाइल पर भी (7)
- दिसम्बर 26, 2007 -- रामायण साइट अपडेट (3)
- अगस्त 27, 2007 -- आओ कुछ कहानिया बुने (5)
This entry was posted
on मंगलवार, जुलाई 18th, 2006 at 3:21 pm and is filed under आपबीती.
You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0 feed.
You can skip to the end and leave a response. Pinging is currently not allowed.
Author: Jitendra Chaudhary (507 Articles)

जन्म से कानपुरी, लेकिन रोटी के लिये मिट्टी से दूर, साफ़्टवेयर बनाते बनाते कब ब्लॉग लिखने लगे, पता ही नही चला। फिर कुछ शरारती तत्वों ने लेखन की तारीफ़ दी, अब झेलो, कानपुरी हूँ, इत्ती जल्दी तो नही रुकने वाला। इंटरनैट के लती। लेखन शैली में श्री के पी सक्सेना जी से प्रेरित। भारतीय राजनेताओ से खासी चिढ,वैसे भी तारीफ़ के लायक तो कोई काम किए नही ये लोग। भारत की सामाजिक एवम राजनैतिक दुर्दशा से व्यथित। इसी व्यथा का ही नतीजा है कि हम ब्लॉगिंग मे कूदे। आजकल कुवैत मे डेरा है, यही पर बसेरा है। अब देखते है कब तक हम इस खूंटे डेरे से बंधे रहते है।
सपनाः हिन्दी इन्टरनेट की आधिकारिक भाषा बने।
पसन्दः राजनीतिक चर्चा, बचपन की यादें।
नापसन्दःनहाने के बाद,पत्नी द्वारा,बाथरूम मे वाइपर लगाने को बाध्य किया जाना
मेरे बारे मे बाकी जानकारी इधर है:
मेरा पन्ना पर टिप्पणी करने वालों के लिए एक तोहफा। आप टिप्पणी करिए और अपने ब्लॉग का पता सही सही भरिए, हम आपके ब्लॉग की आखिरी पोस्ट का लिंक यहाँ दिखा देंगे। इससे आपके ब्लॉग को कुछ और पाठक मिलेंगे। है ना सही चीज? तो फिर देर किस बात की है, शुरु हो जाइए।
हिन्दी और अंग्रज़ी चिट्ठाजगत के उन कारनामों पर प्रकाश डालिए जो समाज के हित में रहे किस तरीक़े से ब्लॉगियों ने लोगों की मदद की है. आप ज़्यादा अनुभवी है लिहाज़ा तथ्य बता दीजिए. मुझे एक लेख के लिए अनुबंध मिल गया है. आज रात तक स्टोरी बनाकर भेजनी है. कोशिश करूंगा कि ब्लॉगियो की मांग के साथ न्याय कर सकूं. ये भी लिखना चाहता हूं कि सरकार का यही रवैया रहा तो पीआईएल दायर की जाएगी. धन की व्यवस्था हम सभी मित्रगण कर लेंगे. बाक़ी आप मुझे जल्द से जल्द कोई अंग्रेज़ी पेज ही भेज दीजिए जहां से कुछ टीप सकूं.
आपको इमेल द्वारा जानकारी भेज दी गयी है, कुछ और चाहिए तो बताइएगा।
भारत में इस तरह का प्रतिबंध तो अत्याचार से भी बढ़कर है। आपलोग कुछ सुझाव दे सकते हैं कि किस प्रकार इसके विरोध में अपनी आवाज उठा सकें। वैसे मेरे पास कुछ हैकिंग के अच्छे विचार हैं…जो कि कम से कम Sify से तो निपट ही सकते हैं।
डॉ॰ व्योम
भारत सरकारका अभिव्यक्ति स्वतन्त्रताका ये हनन् मुझे राजा ज्ञानेन्द्र के समय के हरकतोंको याद दिलाती है। उस समय माअोवादी ‘आतंककारी’ यों के युज के बहाने हमारे सरकार ने मोबाइल फोन व ल्यान्डलाइन फोन तक काट दिया था।
मैं भारतीय ब्लगरोँ के साथ हुँ। अगर कुछ सहयोग चाहिये तो जरुर लिखना।
— क़ष्ण शंकर सोनाने
कहते हैँ आदमी जोश मेँ होश खो देता है. मुझे भी दोनोँ के साथ कुछ ऐसा ही हुआ प्रतीत होता है. बरखा जी की टीम अपनी कर्तव्यनिष्ठा के जुनून मेँ रही होगी और कुछ अनजाने मेँ गलतियाँ हो गई होँगी. कुन्ते जी उन्ही गलतियोँ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक समझकर मारे क्रोध और ब्लागकारिता के जोश मेँ अपशब्दयुक्त ब्लाग लिख डाला होगा. यहाँ तक तो बात समझ मेँ आती है लेकिन आपस मेँ इस तरह लडकर मीडिया को बदनाम न किया जाए तो अच्छा है।
अगर मेरी बात बुरी लगी हो तो इसके लिए आपका छोटा भाई……..
विजय कुमार पाठक
ग्राम मठिया
डाकघर बोदरवार
जनपद कुशीनगर (उप्र)